कुम्हार जीवन बड़ा है व्याकुल। सबेर सांझ कर मेहनत करूं निश दिन। कुम्हार जीवन बड़ा है व्याकुल। सबेर सांझ कर मेहनत करूं निश दिन।
चुपचाप ख़ुशी के साथ स्वतन्त्रता दिवस पालन करती है। चुपचाप ख़ुशी के साथ स्वतन्त्रता दिवस पालन करती है।
झूठे सपनों से हमें क्या करना? झूठे सपनों से हमें क्या करना?
कहीं तुम कर रही सब खामोश, कहीं रिश्तों में भर रही तुम होश। कहीं तुम कर रही सब खामोश, कहीं रिश्तों में भर रही तुम होश।
बने रहेंगे नौजवान मायूस, नहीं होगा देश का कुछ विकास , बने रहेंगे नौजवान मायूस, नहीं होगा देश का कुछ विकास ,
जागती रहना तुम बरगद के पेड़ के पास, फिर ठिकाना होगा अपना संभल के रहना तुम, उस बरगद जागती रहना तुम बरगद के पेड़ के पास, फिर ठिकाना होगा अपना संभल के रहना त...